Guru Purnima 2023

गुरु पूर्णिमा 2023 कब और क्यों मनाई जाती है, कथा | Guru Purnima 2023 Date

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गुरु पूर्णिमा 2023 में कब हैं, कब और क्यों मनाई जाती हैं, Guru Purnima 2023 Date in Hindi

Guru Purnima 2023 Date: दोस्तो आज हम सभी जानेंगे गुरु पूर्णिमा 2023 में कब है और गुरु पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है इसका महत्व क्या है इसकी कहानी क्या है पूरी जानकारी शर्ट कल के माध्यम से जानेंगे कहते हैं गुरु जी को सम्मान देने के लिए यह एक दिन गुरु पूर्णिमा का दिन कहलाता है। इसमें भी मुहूर्त होता है गुरु पूर्णिमा का मुहूर्त कब है कितने बजे है पूरी जानकारी आर्टिकल के माध्यम से आइए जानते हैं।

गुरु पूर्णिमा 2023

Guru Purnima 2023: भारत देश में अनेकों त्योहार पाए जाते हैं लेकिन त्योहारों में से एक ऐसा त्यौहार है जो गुरु पूर्णिमा का एक महान और एक विशेष दिन होता है जो हिंदू धर्म के हिसाब से सिख धर्म इन दोनों ही धर्मों में गुरु का अलग-अलग स्थान देते हैं गुरु को सबसे ऊपर मानते हैं जो कि अंधकार को प्रकाश में बदलने की शक्ति रखता है। गुरु पूर्णिमा से जुड़ी हम कई शायरियां कहानियों को सुनते हैं उनके बारे में जानते हैं लेकिन आज एक कहानी के माध्यम से गुरु पूर्णिमा के बारे में जानेंगे।

गुरु पूर्णिमा 2023 में कब है?

गुरु पूर्णिमा 2023 में 3 तारीख को है 3 तारीख आषाढ़ महीने की पूर्णिमा है इस दिन गुरु पूर्णिमा भी कहते हैं मुहूर्त की बात करें तो 2 जुलाई को 8:21 से यह शुरू हो जाएगी 3 जुलाई 5:08 तक रहेगी इसलिए हम हैं 3 तारीख को पूरा दिन मनाया सकेंगे गुरु पूर्णिमा।

Guru Purnima 2023 का शुभ मुहूर्त और तिथि

गुरु पूर्णिमा शुरू हो रही है सुबह 8:21 से 2 जुलाई को और 3 जुलाई 5:08 शाम पर समाप्त हो जाएगी मुहूर्त के अनुसार।

गुरु पूर्णिमा का महत्व

Guru Purnima के दिन महर्षि वेदव्यास जी का जन्म हुआ था महर्षि वेदव्यास नहीं महाभारत जैसे महाकाव्य की रचना की थी इसके साथ ही साथ वह 18 पुराणों से भी ज्यादा गुरु वेदव्यास द्वारा ही कई रचनाओं को सफल की है इसलिए इस दिन व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

Guru Purnima क्यों मनाई जाती है?

हम जो कोई भी त्यौहार मनाते हैं उसका कोई ना कोई कारण होता है या हम कोई पर्व मनाते हैं तो भी उसका कारण होता है वैसे ही गुरु पूर्णिमा हम क्यों मनाते हैं उसका भी एक अटूट कारण है कहते हैं मनुष्य और गुरु का एक अटूट संबंध होता है मनुष्य जीवन में गुरु देव का स्थान से भी कहीं बढ़कर देता है और सम्मान देता है गुरु पूर्णिमा इसीलिए मनाई जाती है हिंदू धर्म में सबसे बड़ा पर्व भी है हिंदू देश में भगवान के ऊपर गुरु का महत्व बताया गया है |

भगवान का हमारे जीवन में महत्व ही हमें उनके द्वारा प्राप्त होता है यदि गुरु ही नहीं बताए तो हमें भगवान कैसे मिलेंगे और हम कैसे भगवान को जानेंगे इसी उद्देश्य को पूरा करते हुए गुरु पूर्णिमा का त्योहार मनाया जाता है और इसी दिन पूरी श्रद्धा के साथ गुरु की उपासना भी करते हैं सभी हिंदू भाई हिंदू धर्म की मान्यता अनुसार मनुष्य को अपने जीवन में एक गुरु जरूर बनाना चाहिए जिसके अंतर्गत गुरु दीक्षा ली जाती है और गुरु द्वारा कहे गए आचरण का पालन करना चाहिए और उनके मार्गदर्शन पर चलना चाहिए जिससे जीवन में कष्ट कम होते हैं और जीवन जीने की नई राह मिलती है।

गुरु पूर्णिमा कब मनाई जाती है?

हिंदू धर्म के अनुसार एवं कैलेंडर के अनुसार प्रतिवर्ष गुरु पूर्णिमा आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार यहां पर जुलाई एवं अगस्त महीने में मनाई जाती है।

गुरु पूर्णिमा कैसे बनाई जाती है?

Guru Purnima बनाने के लिए आपको निम्नलिखित नीचे दिए गए चरणों का पालन करना होगा-

  • गुरु पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर अच्छे कपड़े पहन ना चाहिए।।
  • और यदि गुरु पूर्णिमा के दिन उपवास रखते हैं तो बहुत बड़ी बात है और आप मंदिर और घरों पर बैठकर कर सकते हैं।
  • गुरु पूर्णिमा के दिन पूजा पाठ एवं गुरु की फोटो सामने पूजा पाठ करते हैं और ध्यान लगाते हैं और गुरु मंत्र जाप करते हैं।
  • सिख समाज के लोग गुरुद्वारे में जाकर कीर्तन पाठ एवं पूजा पाठ भी करते हैं और गुरु को याद करते हैं।
  • और गुरु पूर्णिमा के दिन मुख्य खास दान दक्षिणा भी किया जाता है।
  • गुरु पूर्णिमा के दिन खास तौर पर गुरु को सम्मान और उनके पूजन करने के पश्चात उनको दान देना एक प्रथा जिसे हमें करना चाहिए और उनका आशीर्वाद लेना चाहिए जिससे हमारा जीवन मैं कोई कठिनाई है ना आए।

गुरु एवं व्यास पूर्णिमा की कथा (Guru Purnima story)

मित्रों गुरु पूर्णिमा बहुत ही खास दिन होता है यदि आप अपने जीवन में किसी गुरु को मान लेते हैं या किसी को अपना गुरु बना लेते हैं और आपको बता दें जीवन में एक गुरु होना बहुत ही अनिवार्य है गुरु ही हमारे अंदर के अज्ञानता और अंधकार को मिल जाता है ऐसी मान्यता है कि आषाढ़ पूर्णिमा दिन महर्षि वेदव्यास जी का जन्म हुआ था तो उन्हीं के नाम पर इसे व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जानते हैं समस्त मानव जाति को पहली बार वेद का ज्ञान हुआ था पहली बार वेद दर्शन मानव जाति के मध्य लाने की वजह से इन को प्रथम गुरु का दर्जा दिया जाता है तब से इस दिन इन के जन्म दिवस पर हम गुरु पूर्णिमा का त्यौहार मनाते हैं।

गुरु पूर्णिमा सुविचार

गुरु आपकी उपकार कैसे चुकाऊ में मॉल लाख कीमत ईंधन भला गुरु है मेरा अनमोल ।।

पानी के बिना नदी बेकार है अतिथि के बिना आंगन बेकार है प्रेम ना हो तो सगे संबंधी बेकार हैं और जीवन में गुरु ना हो तो पूरा जीवन बेकार है

वक्त भी सिखाता है और अध्यापक भी पर दोनों में अंतर सिर्फ इतना है कि अध्यापक लिखा कर इंतिहान लेता है और वक्त इंतहान लेकर सिखाता है

गुरु पूर्णिमा के भजन

आज मित्रों अपने गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर कुछ भजनों के नाम एवं वीडियो के माध्यम से हम आपको गुरु पूर्णिमा के कुछ खास भजन आपको सुनाते हैं और आप तक पहुंचाते हैं-

किसके लिए है गुरु पूर्णिमा पर्व ?

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FAQs: Guru Purnima 2023

गुरु पूर्णिमा के दिन किस महर्षि का जन्म हुआ था?

गुरु वेद व्यास जिन्होंने महाभारत की रचना लिखी थी |

Guru Purnima को और दूसरे किस नाम से जाना जाता है?

व्यास पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है |

2023 में गुरु पूर्णिमा कब है?

3 जुलाई

गुरु पूर्णिमा 2023 का शुभ मुहूर्त और तिथि क्या है?

गुरु पूर्णिमा शुरू हो रही है सुबह 8:21 से 2 जुलाई को और 3 जुलाई 5:08 शाम पर समाप्त हो जाएगी मुहूर्त के अनुसार।


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