आत्मनिर्भर भारत योजना PDF 2022 |सभी चरणों में शामिल योजना की जानकारी

आत्मनिर्भर भारत योजना PDF | आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना 2022 | वन नेशन -वन राशन कार्ड | डाउनलोड आत्मनिर्भर भारत योजना pdf

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इस आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत देश को सुधार की ओर बढाए रखने के लिए कई कार्य किये जाते है। इसके अंतरगत विभिन्न योजना जोड़ी गयी है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान अभी अपने तीसरे चरण में है , अर्ताथ अभी आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 के अंतरगत विभिन्न योजना द्वारा लाभ पहुँचाया जा रहा है।

इस अभियान के अंतर्गत योजना जैसे आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना ,प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना , राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक, One Nation-One Ration Card, पीएम गरीब कल्याण रोजगार योजना, प्रधान मंत्री आवास योजना-शहर आदि अनेक योजना द्वारा लाभ पहुँचाया गया है।

आप इस लेख को पूरी तरह पढ़ें।

डाउनलोड आत्मनिर्भर भारत योजना PDF

आप देश की यूनियन फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण जी के द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 के प्रेस कॉन्फ्रेंस के स्लाइड्स का PDF डाउनलोड करना चाहते है।

हमने इस कॉन्फ्रेंस में की गयी बातो से एक लेख तैयार किया है , जिसे नाम दिया है आत्मनिर्भर भारत योजना PDF.

यदि आप इस पीडीऍफ़ को डाउनलोड करना चाहते है , तो आप निचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर इसे डाउनलोड कर सकते है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान 1.0 में शामिल योजना

आत्मनिर्भर भारत योजना के प्रथम चरण में निम्न योजना द्वारा लाभ पहुँचाया एवं प्राप्त किया गया था।

  • Kisan Credit Cards(KCC)
  • प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY )
  • One Nation – One Ration Card(ONORCs)
  • PM Street Vendor’s AtmaNirbhar Nidhi (PM SVANidhi)

Kisan Credit Card Yojana

आत्मनिर्भर भारत योजना PDF

किसान क्रेडिट कार्ड योजना का मुख्य उद्देश्य देश के असंगठित क्षेत्र के किसान जो साहूकारों से उच्च ब्याज दर पर लोन लेते है , उन्हें बचाना है।

किसान क्रेडिट कार्ड योजना की विशेषताएं एवं लाभ :

  • योजना के अंतर्गत ब्याजदर 2 प्रतिशत तक कम जाता है।
  • बिना किसी सिक्योरिटी के रु 1.60 लाख तक का लोन प्राप्त हो सकता है।
  • किसान क्रेडिट के साथ फसल बीमा योजना का लाभ भी प्राप्त होता है।
  • निम्नलिखित बीमा कवरेज प्रदान की जाती है
  • स्थायी विकलांगता और मृत्यु पर 50,000 रुपये तक
  • अन्य जोखिमों के मुकाबले 25,000 रुपये तक प्रदान किया जाता है
  • लोन के भुगतान की अवधि फसल कटाई की एवं व्यापार के अवधि पर आधारित है।
  • कार्ड धारक रु 3 लाख तक की लोन राशि निकाल सकता है।
  • 1.60 लाख रुपये तक के लोन पर सिक्योरिटी की आवश्यकता नहीं है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान 1.0 के अंतरगत KCC के डाटा :

  • किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 2.5 करोड़ किसानों को ऋण प्रोत्साहन:
  • अब तक 183.14 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं; बैंकों ने 157.44 लाख पात्र किसानों के लिए केसीसी जारी कर दो चरणों में 1,43,262 करोड़ रुपये की सीमा स्वीकृत की।

आप योजना का लाभ विभिन्न बैंक में आवेदन कर प्राप्त कर सकते है।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY)

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY)

PMMSY को आत्मनिर्भर भारत अभियान 1.0 पैकेज के अंतर्गत वित्त वर्ष 2020-21 से अगले पांच सालो तक अर्ताथ वित्त वर्ष 2024-25 तक देश भर में कार्यान्वित किया जाना है।

योजना के उद्देश्य

  • मछली उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ाना
  • मछुआरों का कल्याण करना
  • मत्स्य निर्यात के प्रतिस्पर्धा को बढ़ाना
  • नयी गतिविधियों को बढ़ावा देना
  •  ट्रेसेबिलिटी
  • एक्वाकल्चर
  • जेनेटिक सुधार कार्यक्रम और न्यूक्लियस ब्रीडिंग सेंटर

आत्मनिर्भर भारत अभियान 1.0 : इक्कीस (21) राज्यों के प्रस्तावों को कुल रु. 1681.32 करोड़।

अधिक जानकारी जानें : विकासपीडिआ

One Nation-One Ration Card(ONORCs)

One Nation-One Ration Card(ONORCs)

जब देश में कोविद 19 की समस्या बढ़ रही थी , तब कई लोग पलायन कर रहे थे। ये सभी प्रवाशी मजदूर दूसरे राज्य में राशन नहीं ले सकते थे।

अतः इसके लिए एक पोर्टेबल राशन कार्ड की आवश्यकता उत्पन्न हुई , इस लिए वन नेशन-वन राशन कार्ड को लागू किया गया। इससे आप किसी भी राज्य से अपना राशन पा सकते है।

एक देश-एक राशन कार्ड का उद्देश्य :

  • एक पोर्टेबल राशन कार्ड बनाना।
  • कार्ड धारक देश के किसी भी PDS दुकानों से राशन ले सकता है।
  • अब एक नागरिक केवल एक ही राशन कार्ड धारक बन जाता है।
  • इससे फर्जी राशन कार्ड कम होते है।

आत्मनिर्भर भारत 1.0 के अंतर्गत ONORCs की डाटा :

  • अंतर-राज्यीय पोर्टेबिलिटी: 28 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 1 सितंबर, 2020 से राशन कार्डों की राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी के तहत लाया गया है।
  • अब 68.6 करोड़ लाभार्थियों को कवर किया गया है, जिनके पास अब इन 28 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में से किसी भी FPS से अपना खाद्यान्न उठाने का विकल्प है।

PM Street Vendor’s AtmaNirbhar Nidhi (PM SVANidhi)

आत्मनिर्भर भारत योजना PDF

कोरोना के कारन लॉकडाउन के कारण कई लोग बेरोजगार हुए एवं कई लोगो की आर्थिक स्तिथि ख़राब हुई।

इस लिए छोटे रेहड़ी-पटरी, ठेला वालो को अपने इस धंधे को बढ़ाने अथवा पुनः चालू करने के लिए भारत सरकार द्वारा लोन की सुविधा प्रदान की गयी।

एवं इसे प्राप्त करना भी बहुत ही सरल बनाया गया। यह कार्य पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत किया गया।

PM SVANidhi के उद्देश्य एवं विशेषता:

  • रु 10,000 का लोन उपलब्ध कराना।
  • बिना किसी गारंटी के एक साल के लिए लोन देना।
  • समय पर लोन चुकाने पर प्रतिवर्ष लोन पर 7 प्रतिशत की सब्सिडी मिलती है।
  • डिजिटल लेन-देन पर रु 1200 का कैशबैक प्राप्त होता है।

आवेदन :

  • ऑनलाइन-https://pmsvanidhi.mohua.gov.in
  • ऑफलाइन : नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर

आत्मनिर्भर भारत अभियान 2.0 में शामिल योजना

  • ये घोषणाएं 12 अक्टूबर को की गई थीं
  • फेस्टिवल एडवांस लॉन्च-एसबीआई उत्सव कार्ड बांटे जा रहे हैं
  • LTC वाउचर योजनाएं शुरू की गईं
  • सड़क परिवहन मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय को अतिरिक्त पूंजीगत व्यय के रूप में प्रदान किए गए 25,000 करोड़ रुपये 11 राज्यों को स्वीकृत किए गए हैं।
  • पूंजीगत व्यय के लिए ब्याज मुक्त ऋण के रूप में 3621 करोड़।

आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 में शामिल योजना

इस अभियान के तीसरे चरण में कई सारे कार्य किये गए। चूँकि अधिकतर हम योजना से जुड़ी जानकारी ही प्रदान करते है ,अतः हम यहाँ अभियान के तीसरे चरण के अंतर्गत योजना की जानकारी प्रदान की है।

  • आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना
  • पीएम गरीब कल्याण रोजगार योजना
  • प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) – शहरी

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना

आत्मनिर्भर भारत योजना PDF
2021 की जानकारी

औपचारिकता और नए रोजगार के सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधान मंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना (पीएमआरपीवाई) को 31.3.2019 तक लागू किया गया था।

रुपये का कुल लाभ: प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना(PMRPY) के तहत 1,21,69,960 लाभार्थियों को कवर करते हुए 1,52,899 प्रतिष्ठानों को 8300 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

COVID रिकवरी चरण के समय नए रोजगार के अवसरों के बढ़ाने को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई योजना “आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना” शुरू की गयी है ।

योजना के तहत लाभार्थी (नए कर्मचारी): ईपीएफओ पंजीकृत प्रतिष्ठानों में रोजगार में शामिल होने वाला कोई भी नया कर्मचारी 15000/- रुपये से कम मासिक वेतन।

15000/- रुपये से कम मासिक वेतन पाने वाले EPF सदस्य जिन्होंने 01.03.2020 से 30.09.2020 तक COVID महामारी के दौरान रोजगार से बाहर कर दिया और 01.10.2020 को या उसके बाद कार्यरत हैं।

केंद्र सरकार से आत्मानिर्भर भारत रोजगार योजना को सब्सिडी सहायता

केंद्र सरकार 01.10.2020 को या उसके बाद नियुक्त किए गए नए पात्र कर्मचारियों के संबंध में निम्नलिखित वेतनमान पर दो वर्ष के लिए सब्सिडी प्रदान किये जाते है।

  • 1000 कर्मचारियों को रोजगार देने वाले संस्थापन : कर्मचारी का योगदान मजदूरी का 12% और नियोक्ता का योगदान कुल वेतन का 24% होगा।
  • 1000 से अधिक कर्मचारियों को रोजगार देने वाले प्रतिष्ठान: केवल कर्मचारी का EPF योगदान (EPF- वेतन का 12%)
  • पात्र नए कर्मचारी के Aadhaar से जुड़े EPFO Account (यूएएन) में अग्रिम जमा करने के लिए सब्सिडी सहायता

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना संस्थानों के लिए पात्रता मानदंड

  • EPFO के साथ पंजीकृत संसथान यदि वे सितंबर 2020 में कर्मचारियों के संदर्भ आधार की तुलना में नए कर्मचारियों को जोड़ते हैं:
    • कम से कम दो नए कर्मचारी यदि संदर्भ आधार 50 कर्मचारी या उससे कम है।
    • यदि संदर्भ आधार 50 से अधिक कर्मचारियों का है तो न्यूनतम पांच नए कर्मचारी।
  • सभी नए कर्मचारियों के लिए सब्सिडी प्राप्त करने के लिए योजना शुरू होने के बाद ईपीएफओ के साथ पंजीकरण करने वाले प्रतिष्ठान।
  • 30 जून 2021 तक चालू रहेगी योजना। (अब बढ़ा दी गयी )

भारत रोजगार योजना 2022 अपडेट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 के सम्बोधन में नयी आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना को बढ़ा दिया है।

पहले योजना को 1 अक्टूबर 2020 से 30 जून 2021 के लिए ही चालू किया गया था। परन्तु कोरोना के कारन इस योजना को 31 मार्च 2022 तक बढ़ा दिया गया है।

अर्ताथ यदि आप इससे पहले आवेदन करते है , तो आप अगले दो वर्षो तक योजना का लाभ पा सकते है।

सरकार द्वारा इसके संचालन के लिए कुल 22,810 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। जिससे कि 60 लाख लाभार्थियों को इस योजना का लाभ पहुंचाया जा सके ।

पीएम गरीब कल्याण रोजगार योजना

आत्मनिर्भर भारत योजना PDF

इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रो के प्रवासी मजदूरों को पुनः रोजगार प्राप्त करने में मदद करना है।

लॉकडाउन में रोजगार खो देनेवालो को पीएम गरीब कल्याण रोजगार अभियान में कई कल्याणकारी योजनाए जोड़कर प्रवासी मजदूरों को लाभ पहुँचाया गया है।

यह योजना में प्रारंभिक समय में शामिल राज्य बिहार, झारखंड, उड़ीसा, राजस्थान, मध्य प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश है।

इन 6 राज्यों के लगभग 116 जिले में यह अभियान 20 जून 2020 से 125 दिन की अवधि के लिए चलाया गया था।

पीएम गरीब कल्याण रोजगार योजना की विशेषताएं:

  • इस योजना से प्रवासी मजदूरों को लाभ पंहुचा।
  • योजना से लोकल उत्पादों को बढ़ावा मिल पाया है।
  • योजना में बारह मंत्रालय एक साथ कार्य कर रहे है।
  • सभी को उनकी कुशलता के आधार पर रोजगार प्रदान किया जाता है।
  • ग्रामीण क्षेत्रो में विकास को बढ़ावा प्राप्त हुआ।

योजना के अंतर्गत कुल 25 योजना में से कुछ योजनाओ की सूचि :

मंत्रालययोजनाएं
कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभागप्रशिक्षण/कौशल विकास
रक्षा मंत्रालयसीमावर्ती सड़कें
दूरसंचार विभागभारत नेट
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा विभागपीएम कुसुम
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालयप्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा परियोजना
पर्यावरण और वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालयसी ए ए एम पी ए निधियां
पेयजल और स्वच्छता विभागस्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण
रेलवे मंत्रालयरेलवे कार्य
खान मंत्रालयजिला खनिज निधि
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालयभारतमाला और अन्य योजनाएं
पंचायती राज मंत्रालयवित्त आयोग अनुदान
ग्रामीण विकास विभागश्याम प्रसाद मुखर्जी रूब्रन मिशन
ग्रामीण विकास विभागमहात्मा गांधी नरेगा
ग्रामीण विकास विभागप्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
ग्रामीण विकास विभागप्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण

आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 के अंतर्गत PM-GKRY का डाटा :

  • 116 जिलों में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार योजना भी प्रगति पर है। अब तक 37,543 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
  • पीएमजीकेआरवाई मनरेगा, पीएमजीएसवाई आदि सहित विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से जोड़ता है।
  • 2020-21 के बजट में मनरेगा के लिए 61,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।
  • आत्म निर्भर भारत 1.0 में 40,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए गए।
  • अब तक मनरेगा के तहत 73,504 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं और 251 करोड़ व्यक्ति-दिवस रोजगार सृजित किए जा चुके हैं।
  • चालू वित्त वर्ष में पीएम गरीब कल्याण रोजगार योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे।
  • इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में तेजी आएगी।

प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) – शहरी

PMAY यह वर्ष 2015 में प्रारम्भ की गयी थी। इसके अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रो में क्रमशः पीएम आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) एवं पीएम आवास योजना-शहरी (PMAY-U) द्वारा आवास सुविधा प्रदान की गयी है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 में PMAY-U की डाटा :

  • आवास और रियल एस्टेट क्षेत्र के पुनरुद्धार के लिए पिछले कई महीनों में कई उपाय किए गए हैं। इन उपायों ने इस क्षेत्र में उचित वसूली में योगदान दिया है।
    • (SWAMIH- 13,200 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ 135 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसके परिणामस्वरूप 87,000 अटके हुए घर/फ्लैट पूरे होंगे)
  • तथापि, इस क्षेत्र को अधिक रोजगार सृजित करने में सक्षम बनाने के लिए और उपायों की आवश्यकता है।
  • अतिरिक्त आवंटन और अतिरिक्त बजटीय संसाधनों के माध्यम से प्रधान मंत्री आवास योजना – शहरी (पीएमएवाई-यू) के लिए 2020-21 के बजट अनुमानों पर 18,000 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे।
  • यह इस साल पहले से ही 8,000 करोड़ रुपये से अधिक है।
  • इससे 12 लाख घरों को जमींदोज करने और 18 लाख को पूरा करने में मदद मिलेगी अपेक्षित अतिरिक्त नौकरियां – 78 लाख, स्टील – 25 एलएमटी, सीमेंट – 131 एलएमटी

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