Inter Caste Marriage Scheme: अंतर्जातीय विवाह योजना [3 लाख लाभ]

Inter Caste Marriage Maharashtra Scheme | Maharashtra Antar Jatiya Vivah Yojana 2022

भारत सरकार सभी जनजातियों के लिए अलग – अलग लाभदायक योजनाए प्रारम्भ करती रहती हैं जिसका लाभ आम जनता को बकुफ़ी दिया जाता हैं।देंश में प्रत्येक के लिए समानता बनाने के लिए व जाति के भेदभाव को रोकने के लिए सरकार ने योजना लाई है, जिसका नाम ”आंतरजातीय विवाह योजना” है ।

Inter Caste Marriage Scheme Maharashtra Shashan यह उन दम्पति के लिए लाया गया है , जो अन्तरजातीय विवाह करने चाहते है।

इससे देश में जाती भेदभाव को काम करने में प्रोत्साहन प्राप्त होगा।साथ ही इन दम्पति को सामाजिक अलगाव , परेशानियों से राहत भी प्राप्त होगी।

इसमें अलग-अलग जाति के दंपति को विवाह करने पर प्रोत्‍साहन राशि दी जाती हैं। इस योजना में पहले रु50,000 की राशि दी जाती थी। अब यह राशि 3 लाख कर दी गई हैं। इससे अन्‍तरजातीय विवाह को बढावा भी मिलेगा।

Inter Caste Mariiage Scheme क्या है?

intercaste marriage scheme

हमारे भारत देश में विभिन्न धर्म हैं, जिनमें बहुत-सी जातियाँ और पंथ भी हैं। परन्तु समाज में जाति को लेकर आज भी कई लोग बहुत ज्यादा भेद-भाव करते है ।एवं इसका मुख्य कारण समाज में upper-lower cast की भावना है।

इसी भेद-भाव और ऊंच-नीच की भावना का उन्मूलन करने के लिए, महाराष्ट्र सरकार द्वारा ‘अंतरजातीय विवाह अनुदान योजना’ को प्रारम्भ किया गया है।

योजना के अंतर्गत व्यक्ति को किसी अन्य आरक्षित जाती वाले व्यक्ति से शादी करने पर सरकार द्वारा आर्थिक सहयता मिलती है।

पहले आंतरजातीय विवाह करने वाले दम्पति को पचास हजार रूपए की Incentives मिलती थी। परन्तु अब इसे राज्य सरकार द्वारा तीन लाख रूपए कर दी गयी है।

Note :

  • This scheme is given only to the couples getting married under the Hindu Marriage Act, 1955 or the Special Marriage Act, 1954.

महाराष्ट्र अंतरजातीय विवाह अनुदान योजना 2022 का उद्देश्य

Antarjatiya Vivah Anudan Yojana के द्वारा , सामजिक भेद-भाव को समाप्त करने, सामाजिक एकता को बढ़ाने के लिए जनता को जागरूक करने आदि के कार्य किये जाते हैं।

जिससे किसी जाति के व्यक्ति या वर्ग का किसी प्रकार का सामाजिक शोषण न हो सके, इसके लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा ‘अंतरजातीय विवाह अनुदान योजना’ को शरू किया गया है।

योजना का नामअंतरजातीय विवाह अनुदान योजना
सम्बंधित राज्यमहाराष्ट्र
राज्य-सरकार महाराष्ट्र सरकार द्वारा
लाभार्थीअंतरजातीय मैरिज करने वाले दम्पति
कुल प्रोत्साहन राशि3 लाख रूपये
आवेदनऑनलाइन/ऑफलाइन
आधिकारिक वेबसाइटsjsa.maharashtra.gov.in

महाराष्ट्र अंतरजातीय विवाह अनुदान योजना की विशेषता एवं लाभ (Inter Caste Marriage Scheme Benefits)

  • इस योजना के तहत देश में सामाजिक ऊंच नीच , भेदभाव को काम करने में मदद मिलेगी। आंतरजातीय विवाह को बढ़ावा मिलेगा।
  • योजना में महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा
    • रु 50,000 (पचास हजार ) और
  • डॉ. आंबेडकर फाउंडेशन के द्वारा
    • 2.50 लाख (ढ़ाई लाख )रूपये
  • मिलाकर कुल
    • 3 लाख रूपये की
  • प्रोत्साहन राशि incentives योग्य लाभार्थी को दी जाएगी।
  • डॉ आंबेडकर फाउंडेशन अंतरजातीय विवाह योजना के तहत अब कोई भी वर्षीय आय सीमा नहीं है। सभी योग्य दंपत्ति इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
  • प्रोत्साहन राशि विशेष रूप से उन युवको या युवतियों को दी जाएगी, जिन्होंने अनूसूचित जाति या जनजाति में विवाह किया हो और वो खुद सामान्य जाति से सम्बन्ध रखते हो।
  • इस योजना में प्रदान की जाने वाली राशि योग्य जोड़ों के सम्मिलित Bank Account में जमा की जाएगी। इसके लिए उनके पास अपना एक Joint Bank Account होना जरुरी है।

अंतरजातीय विवाह योजना के लिए जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • जाति प्रमाण पत्र
  • कोर्ट मैरिज का प्रमाण पत्र
  • बैंक पासबुक
  • आयु प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट साइज फोटो

Maharashtra Inter Caste Marriage Scheme Eligibility (अंतरजातीय विवाह योजनाहेतु पात्रता/योग्यता शर्तें)

Antarjatiya Vivah Anudan Yojana का लाभ लेने के लिए couple के पास निचे दर्शाये गए अनुसार पात्रता होनी आवश्यक है।

  • व्यक्ति/युगल महाराष्ट्र का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • लाभार्थी/विवाहित जोड़े एससी-एसटी, वीजेएनटी और एसबीसी से संबंधित होने चाहिए। (जाति प्रमाण पत्र चाहिए)
  • विवाहित जोड़े को विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
  • विवाहित जोड़े, पुरुष की आयु 21 वर्ष से कम और महिलाओं की आयु 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए।
  • (विद्यालय छोड़ने का प्रमाण पत्र पर/वधू) दो माननीय व्यक्तियों के अनुशंसा पत्र। युगल की संयुक्त तस्वीर।
  • इस संबंध में अंतरजातीय विवाह की परिभाषा ,
  • अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / वीजे / एनटी / एसबीसी व्यक्तियों के बीच विवाह है ,
  • और दूसरा व्यक्ति सवर्ण, हिंदू लिंगायत, जैन, सिख समुदाय से संबंधित होना चाहिए।

महाराष्ट्र अंतरजातीय विवाह योजना 2022 में आवेदन कैसे करे?

आवेदक/विवाहित जोड़े को अपना आवेदन व्यक्तिगत रूप से एक निर्धारित प्रपत्र में करना होगा। यह प्रपत्र संबंधित जिला समाज कल्याण अधिकारी को आवश्यक दस्तावेजी साक्ष्य के साथ प्रस्तुत करना होगा ।

यहाँ प्रस्तुत जानकारी आप “सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग महाराष्ट्र सरकार” की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकते है।

  • आप को सर्वप्रथम official website पर जाना होगा।
  • होम पेज पर schem के ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • अब Social Integration ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • आप को अब दो ऑप्शन दिखेंगे ,
    • आंतरजातीय विवाहास प्रोत्साहन योजना
    • Incentive given to Encourage Inter caste Marriages.
  • इन ऑप्शन पर जा कर आप अत्यधिक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
Application Process
आवेदक/विवाहित जोड़े को अपना आवेदन व्यक्तिगत रूप से निर्धारित प्रपत्र में संबंधित जिला समाज कल्याण अधिकारी, z.p./ (मुंबई शहर और मुंबई उपनगर समाज कल्याण अधिकारी, ब्रुमुंबई, चेंबूर के लिए) को आवश्यक दस्तावेजी साक्ष्य के साथ प्रस्तुत करना चाहिए।
Contact OfficeAssistant Commissioner, Social Welfare, Mumbai City & Urban

डॉ.अंबेडकर फाउंडेशन अंतरजातीय विवाह योजना

Inter cast marriage scheme के अंतर्गत अंतर्जातीय विवाह योजना के लिए प्रोत्साहन राशि के लिए दम्पति को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

यदि कोई युवक या युवती अंतर-जाति विवाह करने जा रहा/रही  है, तो सरकार न केवल उन्हें पुरस्कृत एवं प्रोत्साहित करेगी बल्कि समाज में सम्मान जनक स्थान दिलाने में प्रयास भी करेगी।

इसके लिए NCT Delhi Government ने एक नई योजना बनाई है।सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय के स्वायत्त निकाय डॉ अम्बेडकर प्रतिष्ठान (Dr. Ambedkar Foundation) की व्यव्यस्था की गयी है।

इसके द्वारा अंतरजातीय विवाह के लिए रु ५,५०,००० (साढ़े पांच लाख ) का incentives देंगे। परन्तु दम्पति में से किसी एक का अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति अथवा दलित होना आवश्यक है।

डॉ अम्बेडकर फाउंडेशन के अनुसार आज भी, समाज में अंतर-जाति विवाह को सम्पूर्ण मान्यता नहीं मिली है।

अंतरजातीय विवाह करने के बाद socially पहचाने जाने के कारण दम्पति को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

इस विवाह को वित्तीय आर्थिक रूप से बढ़ावा देने में मदद करने के अलावा, संस्था द्वारा सामाजिक स्वीकृति भी दी जाएगी ताकि समाज से जातीय पूर्वाग्रह पूरी तरह से समाप्त हो सके।

इस प्रकार केवल अंतर जाति विवाह से इसका फायदा होगा। विवाह जोड़े एक सामान्य जाति और दूसरी पिछड़ी जाति से संबंधित हैं।

उनमें से, पुनर्विवाह पति / पत्नी और तलाकशुदा, दूसरी शादी के पुनर्विवाह, जाति और अंतर-धार्मिक के दम्पति को इन लाभों से वंचित कर दिया गया है।

  • आप यहाँ दिये गए पीडीएफ को डाउनलोड कर उसे भर कर Application Process अनुसार आवेदन कर सकते है।

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